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Thursday, September 2, 2010

डांट

आज मम्मी की  डांट बहुत  याद आ रही है
आज मम्मी की गांठ बहुत याद आ रही है

डांट में छुपा होता था प्यार और दुलार 
गांठ में छुपा होता था त्याग और बलिदान

डांट में बसा होता था सबक और टसक
गांठ में बसा होता था मन और धन

डांट में छुपा होता था इकरार और इंकार
गांठ में छुपा होता था वर्तमान और भविष्य

आज मम्मी  डांट बहुत याद आती है
आज मम्मी की गांठ बहुत याद आती है

डांट में बसा होता था तर्क और वितर्क
गांठ में बसा होता था मान और उपमान

आज मम्मी की डांट बहुत याद आती है
आज मम्मी की गांठ बहुत याद आती है //

24 comments:

  1. बहुत बढ़िया धन्यवाद|

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  2. Preeti ji,
    apke donon geet(Dant,sooraj)achchhe lage.ek salah hai ki agar ap in rachnaon ke sath koi sambandhit chitr bhee laga diyaa karen to post ka mahatva aur badh jayega.

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  3. आप की पंक्तियाँ अपनी माँ को प्यार और याद करने वाले हर शख्स की भावनाओं का सच्चा प्रतिनिधित्व करती हैं
    माँ जैसे खूबसूरत अहेसास को जिस तरह आपने पिरोया.. वो अद्वितीय है
    बधाई

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  4. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

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  5. सच तो यही है बेशक समझ बाद में आती है - सच्ची और बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  6. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  7. मनभावन रचना, दिल को छू जाने वाली रचना,
    अति सुन्दर, सटिक, एक दम दिल कि आवाज.
    कितनी बार सोचता हु कि इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है.
    अपनी ढेरों शुभकामनाओ के साथ
    shashi kant singh
    www.shashiksrm.blogspot.com

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  8. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
    हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
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    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।
    यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

    धन्‍यवाद

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  9. ARE VAAH..........LAZAWAAB KAR DIYAA AAPNE MAMMI KEE DAANT SE...........BADE HO JAANE PAR BAS YAAD HI AA SAKTI HAI IN CHEEZON KEE.........

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  10. jharokhaji aapki salah kabile tareef hai.
    Mai awashye agli rachna me istemal karungi.
    Bahut shukriya, aabhar.

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  11. Ratnakarji Ma apne aap me ishwer hai.
    Aapke kathan anusar mai hr vyakti ki
    bhavna ka pratinidhitwa karne koshish
    kr pai or aapko lekhan me bandh pai
    ye mera saubhagya hai.

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  12. Surendraji aake swagat se mai abhibhut hui.
    Aaki samjhaish ka anusaran karungi or zyada
    tadad me jodne ki pahel karungi.Aane saraha
    mera margdarshan kiya main dil se aabhari hun.

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  13. Rakesh kaushikji such kaha aapne .
    Aapki badhai ko sweekar karte hue
    mai or bhi achchha likhne ke liye
    prerit ho rahi hun.Dhanyawad.

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  14. ajayji bahut shukriya sarahne ke liye.
    Aapi bat me sarthakta hai.Mai zarur
    padhungi.

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  15. Shashikantji waise hi likha ja sakta hai
    jase aapne apne udgar meri rachna ke liye
    preshit kiye.Aapki shubhkama se mera hausla
    badha,kripya sameeksha bhi karte rahiyega
    taki sudhar ka awsar mil sake.Aabhar

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  16. Anand pandeyji aapke sujhaw ke liye tahe dil se
    dhanyawad.Sanskrit or anya blog ko bhi mai padhu
    ngi or sanskrit me likhne koshish bhi karungi.Aap
    ne mujhe is kabil sajha ye aapka badappn hai.Isi
    prakar disha dikhate rahiyega.Aapko bhi meri shubhkamnayen.Apna khayal rakhiyega.

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  17. Bhootnathji ma kabhi bhi dant or fatkar
    sakti hai.Bus awsar milna chahiye,ye bhi
    saubhagye hota hai jinke ma-bap hote hain
    Rachna pasand aai mera aabhar.Isi tarah
    sneh banaye rakhiyega baki jo ma ko manzur.

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  18. Jijaji,''MA'' se mujhe hamesha prerna milti-rahti
    hai.Isiliye main likh pati hun.Aapko meri rachna pasand aai main aabhari hun.

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  19. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  20. डॉट और गांठ .. वाह बहुत खूब !!

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  21. Ajay guptaji zarur padhungi.Aapne apne blog pariwar me mujhe shamil kiya ye aapka badappan hai.Aabhar.

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  22. Sangeeta ji aapne pasand kiya is se mera utsah badha.Asha karti hun ki aapka margdarshan or pyar yun hi milta rahega.

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