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Monday, September 6, 2010

बहुत दिनों के बाद

बहुत दिनों के बाद
भीतर तक भीगे आज
बहुत दिनों के बाद
जीकर पीलें आज
बहुत दिनों के बाद
चीखकर रोकें आज
बहुत दिनों के बाद
सीखकर साधें ज्ञान
बहुत दिनों के बाद
चोंककर जगे आज
बहुत दिनों के बाद
उठकर भागे आज
बहुत दिनों के बाद
मिलकर होलें साथ
बहुत दिनों के बाद
दिलों के आगे आज
नम्र होलें साथ
बहुत दिनों के बाद
बहुत दिनों के बाद .

6 comments:

  1. ...badhiya badhiya...nice..bahot dinon ke baad achchha likhne wali dost mili..<3

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  2. Ashokji aapne meri rachna ko saraha main aabhari hun.

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  3. chetna main bhi aapko pakr dhanya hun..aapne pasand kiya meri rachna ko aabhar.

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